दुर्ग में स्कूल सफाई कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, शिक्षा मंत्री के घेराव का ऐलान

छत्तीसगढ़ में अंशकालिक स्कूल सफाई कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। अंश-स्कूल सफाई कर्मचारी संघ ने शिक्षा मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आज दुर्ग में उनके निवास का घेराव करने का ऐलान किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो नया रायपुर में मंत्रालय और संचालनालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

VO-1:
संघ के मुताबिक छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में करीब 43 हजार 301 अंशकालिक सफाई कर्मचारी पिछले 15 से 16 वर्षों से काम कर रहे हैं। नियमानुसार इनका कार्य समय करीब दो घंटे प्रतिदिन है और उन्हें 3 से साढ़े 3 हजार रुपये तक मासिक मानदेय दिया जाता है।

कर्मचारियों का कहना है कि कई स्कूलों में भृत्य और चपरासी के पद खाली होने के कारण उनसे सफाई के अलावा स्कूल के दूसरे काम भी कराए जाते हैं। संघ का दावा है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

VO-2:
संघ के अनुसार, 15 जून 2025 से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। उस दौरान शिक्षा मंत्री की ओर से मानदेय बढ़ाने और हड़ताल अवधि का मानदेय देने का आश्वासन मिलने के बाद 12 सितंबर 2025 को आंदोलन स्थगित कर दिया गया था।

अब संघ का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं। इसी को लेकर कर्मचारियों ने दोबारा आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है।

बाइट: संतोष खांडेकर, प्रांत अध्यक्ष, स्कूल सफाई कर्मचारी संघ

VO-3:
वहीं, स्कूल सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने और मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

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