छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) वर्तमान मतदाता सूची का प्री-SIR सूची से मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया में ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पहले की मतदाता सूची में दर्ज था, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं है। पहचान के बाद BLO संबंधित लोगों के घर पहुंचकर उनके नाम और पात्रता की स्थिति का सत्यापन करेंगे।

पात्र पाए जाने पर फॉर्म-6 से जुड़ेगा नाम
सत्यापन में पात्र पाए जाने वाले लोगों का नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने BLO को प्रत्येक सप्ताह करीब 20 से 25 ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने और लगभग एक महीने के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
18 साल पूरे कर चुके युवाओं पर भी रहेगा ध्यान
घर-घर सत्यापन के दौरान उन युवाओं की भी पहचान की जाएगी, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और मतदान के लिए पात्र हैं, लेकिन अभी तक उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे नए मतदाताओं से भी फॉर्म-6 भरवाकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है। पात्र व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत कभी भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों को भी मिलेगी जानकारी
BLO द्वारा तैयार की जाने वाली बूथवार जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ भी साझा की जाएगी। फॉर्म-6 और सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) को भेजी जाएगी, जहां नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
विशेष कैंप और वंचित वर्गों पर रहेगा फोकस
अभियान के तहत बूथ स्तर पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। रैन बसेरों, मजदूर बस्तियों, बेघर लोगों और अन्य वंचित वर्गों के पात्र व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभियान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वीप गतिविधियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे।

