साइबर ठगी से बचाव के लिए रायपुर में पुलिस की अहम बैठक, व्यापारिक और सामाजिक संगठनों से जागरूकता अभियान में जुड़ने की अपील

रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत शहर के विभिन्न व्यापारिक, औद्योगिक, सामाजिक और परिवहन संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

छत्तीसगढ़ पुलिस का यह प्रदेशव्यापी अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देने के साथ-साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और घटना होने पर तुरंत उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक करना है।

रायपुर के सिविल लाइन स्थित सी/04 भवन के सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने की। उन्होंने उपस्थित संगठनों के पदाधिकारियों को मौजूदा समय में सामने आ रहे साइबर अपराधों और ठगी के तरीकों के बारे में जानकारी दी।

बैठक में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर, ओटीपी और बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी, यूपीआई फ्रॉड तथा पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी जैसे मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

पुलिस कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या डेबिट कार्ड की डिटेल, पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सार्वजनिक करने से भी बचने की सलाह दी गई।

उन्होंने व्यापारिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से अपने संस्थानों, कर्मचारियों, सदस्यों और आम नागरिकों तक साइबर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिलाया।

बैठक में कैट एवं रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर परवानी, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थोरानी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश देवांगन, सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरम भगतानी, जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुभाष बजाज, क्रेडाई के अध्यक्ष मृणाल गोलछा, पंडरी कपड़ा मार्केट व्यवसायी संघ के अध्यक्ष सरल मोदी, उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि तरल मोदी और अश्विन गर्ग, बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुसदकर तथा आईएमए के अध्यक्ष कुलदीप सोलंकी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) डॉ. अर्चना झा, सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती स्नेहिल साहू, श्री सतीश ठाकुर सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।

कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और अपने परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों तथा परिचितों को भी जागरूक करें। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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