क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल और संगठन के अध्यक्ष डॉ. अजय यादव को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों पिछले करीब साढ़े आठ महीने से जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट की डिविजन बेंच ने दोनों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद राहत प्रदान की।
अमित बघेल को 5 दिसंबर 2025 को एक टिप्पणी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को उन्हें बलौदाबाजार हिंसा मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों मामलों में वे न्यायिक हिरासत में थे।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। सरकारी पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि अमित बघेल के खिलाफ 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उन्हें बलौदाबाजार मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया। इसके आधार पर जमानत याचिका खारिज करने की मांग की गई।
हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की डिविजन बेंच ने अमित बघेल और डॉ. अजय यादव को जमानत दे दी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले करीब तीन महीने पहले दोनों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से भी जमानत मिल चुकी थी।

