बिलासपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं ऊर्जा, परिवहन, शिक्षा और आवास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में राज्य के विकास को गति देने के लिए हैं।

प्रमुख विकास परियोजनाएं
ऊर्जा क्षेत्र को मिला बढ़ावा
- एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना (चरण-III): 800 मेगावाट क्षमता वाली इकाई की आधारशिला रखी गई (9,790 करोड़ रुपये का निवेश)।
- पावरग्रिड ट्रांसमिशन परियोजनाएं: पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (WRES) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की तीन नई ट्रांसमिशन लाइनों को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
तेल और गैस बुनियादी ढांचे का विस्तार
- एचपीसीएल की विशाखापट्टनम-रायपुर पाइपलाइन (VRPL): 540 किमी लंबी पाइपलाइन (2,210 करोड़ रुपये) का शुभारंभ किया गया।
- बीपीसीएल की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) परियोजना: कई जिलों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और सीएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई।
रेल और सड़क कनेक्टिविटी में सुधार
- रेलवे विद्युतीकरण: छत्तीसगढ़ का संपूर्ण रेल नेटवर्क अब पूरी तरह विद्युतीकृत।
- नई MEMU ट्रेन सेवा: अभनपुर-रायपुर मार्ग पर शुरू की गई, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
- NH-130D का विस्तार: कोंडागांव-नारायणपुर खंड को दो-लेन हाईवे में अपग्रेड किया जाएगा।
आवास और शिक्षा क्षेत्र में पहल
- प्रधानमंत्री आवास योजना: लाभार्थियों को आवास के चाबियां सौंपी गईं।
- PM SHRI स्कूल: 29 जिलों में 130 आधुनिक स्कूलों का उद्घाटन किया गया।
- विद्या समीक्षा केंद्र (VSK): रायपुर में शिक्षा निगरानी के लिए एक तकनीक-आधारित केंद्र शुरू किया गया।
सांस्कृतिक सम्मान और नागपुर दौरा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने प्रधानमंत्री मोदी को पारंपरिक शॉल और बिलासपुर की अधिष्ठात्री देवी मां बिलासा की मूर्ति भेंट की।
इससे पहले, पीएम मोदी ने नागपुर (महाराष्ट्र) में आरएसएस संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती पर स्मृति मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में लॉइटरिंग म्यूनिशन टेस्ट रेंज का भी उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद थे।
