छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने बिलासपुर दौरे के दौरान केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई लंबी चर्चा के बावजूद सरकार विपक्ष की ओर से उठाए गए 136 मुद्दों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
मीडिया से बातचीत में डॉ. महंत ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार के 136 सप्ताह के कार्यकाल से जुड़े 136 अलग-अलग मुद्दे सदन में रखे थे। इनमें किसानों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों से संबंधित विषय प्रमुख थे। उनका आरोप था कि विस्तृत बहस के बावजूद सरकार इन सवालों पर स्पष्ट जवाब देने में असफल रही।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार देश को आदर्श शासन की ओर ले जाना चाहती है तो उसे रामराज्य की अवधारणा पर काम करना चाहिए। महंत ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर डॉ. महंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना था कि ट्रस्ट के गठन की घोषणा प्रधानमंत्री ने की थी, इसलिए यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
देशभर में विपक्ष के प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है। आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी घटनाओं को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई है तथा इसके लिए गृह विभाग जिम्मेदार है।
बिलासपुर प्रवास के दौरान डॉ. महंत ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं के निवास पर जाकर संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की और स्वर्गीय अशोक गांधी के परिजनों से मिलकर संवेदना भी व्यक्त की।



