5 करोड़ की स्मार्ट वायरिंग फेल: 2 साल में सड़क पर आई केबल, खुले बॉक्स बने खतरा

राजधानी रायपुर में स्मार्ट सिटी के तहत की गई अंडरग्राउंड वायरिंग अब सवालों के घेरे में है।
जयस्तंभ चौक से फाफाडीह चौक तक किए गए इस प्रोजेक्ट में महज दो साल के भीतर ही बड़ी खामियां सामने आ गई हैं।

सड़क के नीचे डाली गई बिजली केबल कई जगहों पर बाहर निकल आई हैं।
जहां-जहां पाइपलाइन, नल कनेक्शन या सड़क मरम्मत के लिए खुदाई हुई, वहां केबल उखड़ गईं और दोबारा सुरक्षित नहीं की गईं।

करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह सिस्टम मेंटेनेंस की कमी के कारण अब असुरक्षित हो चुका है।खुले बॉक्स से बड़ा खतरा

सबसे ज्यादा खतरा केबल बॉक्स से है।

  • 40 से ज्यादा बॉक्स लगाए गए थे
  • आधे से अधिक के ढक्कन गायब हैं
  • अंदर हाइटेंशन वायर खुले दिखाई दे रहे हैं

ये हालात किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।


लोगों की शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई

मौदहापारा और सदर बाजार के रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों का कहना है कि अब तो शिकायत करना भी बंद कर दिया है, क्योंकि सुनवाई नहीं होती।


अन्य इलाकों में भी खराब हालात

सिर्फ जयस्तंभ-फाफाडीह रोड ही नहीं, बल्कि

  • महिला थाना से बूढ़ापारा
  • बिजली ऑफिस से सदर बाजार तक

कई जगहों पर यही समस्या देखने को मिल रही है। पूरे प्रोजेक्ट पर 40 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया गया था।


लापरवाही के मुख्य कारण

मेंटेनेंस की कमी
काम पूरा होने के बाद नियमित जांच नहीं की गई।

बार-बार खुदाई
अन्य विभागों द्वारा सड़क खोदने से केबल क्षतिग्रस्त हुई।

समन्वय की कमी
रायपुर नगर निगम, जल विभाग और बिजली कंपनी के बीच तालमेल नहीं रहा।

बॉक्स की अनदेखी
केबल बॉक्स के ढक्कन गायब होने के बाद भी उन्हें बदला नहीं गया।


अधिकारियों का बयान

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि शिकायत के बाद जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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