कंपनियों से निकलते ही गायब होता माल, यार्ड में चल रहा संगठित चोरी का नेटवर्क

राजधानी रायपुर के बाहरी इलाकों में इन दिनों लोहा, सरिया और पिग आयरन की चोरी का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आई है। कंपनियों से लोड होकर ट्रेलर सीधे यार्ड तक पहुंचते हैं, जहां से माल की चोरी कर ली जाती है। बाद में वजन संतुलित दिखाने के लिए ट्रेलर में पत्थर और कच्चा लोहा भर दिया जाता है, ताकि जांच के दौरान कोई शक न हो। बताया जा रहा है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा है।

जांच में खमतराई, उरला और सिलतरा थाना क्षेत्रों के कई यार्ड और कबाड़ी ठिकानों का नाम सामने आया है, जहां चोरी का सामान खपाया जाता है। इस पूरे काम में एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसमें ट्रांसपोर्टर और कबाड़ी दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे पर विक्की द ढाबा के पीछे स्थित एक यार्ड में चोरी के सरिए और पिग आयरन की खरीद-फरोख्त होने की बात भी सामने आई है।

इस मामले में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रेलर के नीचे बनाए गए गुप्त चेंबर में भारी मात्रा में लोहा रखा दिखाई दे रहा है। इस चेंबर में लोहा भरकर वाहन का वजन बढ़ा दिया जाता है, जिससे माल की कमी पकड़ में नहीं आती। सूत्रों के अनुसार, कंपनी से निकलते समय और गंतव्य पर पहुंचने पर ट्रेलर का वजन किया जाता है, लेकिन बीच रास्ते में ऐसे यार्ड में सरिया उतारकर उसकी जगह समान वजन का पत्थर और लोहा भर दिया जाता है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में गिरफ्तार रूपेश सिंह का सहयोगी राकेश साहू भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दो अन्य ट्रांसपोर्टर भी इस काम में शामिल बताए जा रहे हैं। इनके गोदाम आसपास ही स्थित हैं और वाहनों पर अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल किए जाने की भी जानकारी मिली है।

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