रायपुर में 13 अक्टूबर को वार्षिक कार्टून फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। देश की कार्टून पत्रिका ‘कार्टून वॉच’ अपने प्रकाशन के 31वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इस अवसर पर राजधानी के एक निजी होटल में कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री सांकेतिक कार्टून बनाकर फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तियों के साथ वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी अतिथि वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा पत्रिका से लंबे समय से जुड़े कार्टूनिस्ट और पत्रकार अपने अनुभव साझा करेंगे।
जयपुर के कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
इस वर्ष कार्टून वॉच का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड जयपुर के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट अभिषेक तिवारी को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान कार्टून कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को दिया जाता है।
इससे पहले यह पुरस्कार बालासाहेब ठाकरे, आर.के. लक्ष्मण, सुधीर तैलंग, आबिद सुरती, प्राण, काक और अजीत नैनन जैसी प्रमुख हस्तियों को मिल चुका है।
फेस्टिवल में देश के विभिन्न राज्यों से कार्टूनिस्ट हिस्सा लेंगे। आयोजकों के मुताबिक, रायपुर में हर साल आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का सहयोग मिलता है।
PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पर कैरिकेचर बुक का विमोचन
कार्टून वॉच के संपादक त्रयम्बक शर्मा ने बताया कि इस बार पत्रिका की ओर से पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अखिल भारतीय कैरिकेचर प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में देशभर के कार्टूनिस्टों ने प्रधानमंत्री के कैरिकेचर तैयार किए। इन कैरिकेचर पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी कार्टून फेस्टिवल के दौरान किया जाएगा।
कार्टून कला और पत्रकारिता पर साझा होंगे अनुभव
कार्यक्रम में कार्टून कला, पत्रकारिता और कार्टून वॉच की यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। अलग-अलग राज्यों से आने वाले कार्टूनिस्टों और पत्रकारों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का उद्देश्य कार्टून कला को प्रोत्साहित करना और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं को सामने लाना है।