रायपुर में ई-रिक्शा और ऑटो वाहनों की पहचान और यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए QR कोड व्यवस्था को और प्रभावी किया जा रहा है। इसी सिलसिले में 8 सितंबर 2026 को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट और ई-रिक्शा डीलर्स के बीच संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात के कार्यालय स्थित सभागार में हुई बैठक में वाहनों और चालकों की जानकारी को QR कोड के माध्यम से व्यवस्थित एवं अपडेट रखने को लेकर चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों ने डीलर्स को वाहन और चालक से संबंधित जानकारी समय-समय पर अपडेट करने तथा पंजीयन व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में फैसला लिया गया कि ई-रिक्शा की नई खरीदी और सर्विसिंग के दौरान वाहन मालिक या चालक से निर्धारित फॉर्म भरवाना जरूरी होगा। इससे वाहन और चालक की जानकारी रिकॉर्ड में अपडेट रखी जा सकेगी।
इसके अलावा जिन ई-रिक्शा और ऑटो का अब तक पंजीयन नहीं हुआ है, उनके लिए पंजीयन पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। वाहन मालिकों को पंजीयन पूरा करने का मौका दिया जाएगा।
सबसे अहम निर्णय के तहत सितंबर 2026 तक ई-रिक्शा और ऑटो का पंजीयन निशुल्क रखा गया है। पुलिस ने वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीयन पूरा करा लें।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन, सहायक पुलिस आयुक्त रमेश येरेवार, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सतीश ठाकुर, कमल पांडेय, ई-रिक्शा एवं ऑटो संघ के अध्यक्ष सुरेश तिवारी सहित करीब 25 डीलर्स मौजूद रहे।
पुलिस के अनुसार QR कोड व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को वाहन और चालक से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। इससे नागरिक सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

