रायपुर में साइबर जागरूकता अभियान, 1200 विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत रायपुर कमिश्नरेट सेंट्रल जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 1200 विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, साइबर हाइजीन और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल, तेलीबांधा थाना क्षेत्र के जे.आर. नायडू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रविग्राम, देवेंद्र नगर के बालाजी स्कूल, कालीबाड़ी स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक गर्ल्स हॉस्टल, मौदहापारा स्थित शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज और गंज थाना क्षेत्र के विवेक कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में APK फाइल से होने वाले साइबर फ्रॉड को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई। पुलिस ने बताया कि सरकारी योजना, नौकरी, KYC, शुभकामना संदेश या निमंत्रण के नाम पर WhatsApp के जरिए संदिग्ध फाइल भेजी जा सकती है। किसी भी फाइल को खोलने या इंस्टॉल करने से पहले उसका पूरा नाम और extension जांचने की सलाह दी गई।

पुलिस ने लोगों को अनजान APK फाइल इंस्टॉल नहीं करने और परिचित व्यक्ति के WhatsApp नंबर से आई संदिग्ध फाइल को भी बिना पुष्टि किए नहीं खोलने की समझाइश दी, क्योंकि साइबर अपराधी किसी के compromised account का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

इसके अलावा Digital Arrest Scam को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस, CBI, ED या NCB अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के जरिए डराने और पैसे ट्रांसफर कराने वाले ठगों से सावधान रहने की सलाह दी गई। ऐसे मामलों में कॉल काटकर संबंधित विभाग से स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने को कहा गया।

कार्यक्रम में OTP और UPI PIN साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, WhatsApp Two-Step Verification सक्रिय रखने, सोशल मीडिया Privacy Settings का ध्यान रखने तथा Gaming Apps में Age Rating और Parental Controls का इस्तेमाल करने जैसे जरूरी साइबर सुरक्षा उपाय बताए गए।

अभियान का मुख्य संदेश रहा: STOP, THINK, ACT यानी किसी भी डिजिटल गतिविधि में जल्दबाजी न करें, पहले रुकें, सोचें और जांच करने के बाद ही कार्रवाई करें।

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