मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक विधायक के कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करैरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जन चौपाल के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब पोहरी विधानसभा क्षेत्र से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे ग्रामीणों की शिकायतें सुनने से इनकार करने का आरोप विधायक पर लगा।
जानकारी के अनुसार, नरवर तहसील स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में बुधवार को करैरा विधायक की ओर से जन चौपाल आयोजित की गई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे थे।
इसी बीच पोहरी विधानसभा क्षेत्र के नानकपुर और बरखाड़ी गांव के करीब 8 से 10 ग्रामीण भी पेयजल और बिजली जैसी समस्याओं को लेकर विधायक के पास पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने उनकी शिकायतें सुनने से यह कहते हुए मना कर दिया कि वे उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं।

विधायक के इस कथित बयान के बाद ग्रामीण नाराज हो गए और मौके पर विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे निजी काम के लिए नहीं बल्कि सरकारी समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि के पास पहुंचे हैं। उनका तर्क था कि जनता की परेशानियां विधानसभा क्षेत्र की सीमा से अलग नहीं होतीं।
विरोध के दौरान मामला और बढ़ गया। इसी बीच एक ग्रामीण ने अपनी नाराजगी जताने के लिए अपने छोटे बच्चे को विधायक की गाड़ी के गर्म बोनट पर रख दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोग जनप्रतिनिधियों से जनता की समस्याएं सुनने की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं कई लोगों ने बच्चे को गर्म गाड़ी पर रखने की घटना को उसकी सुरक्षा के लिहाज से गलत बताया है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर विधायक की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

