रायपुर में ट्रैफिक पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज करने वाले बुलेट और अन्य दोपहिया वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली अत्यधिक आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाती है, बल्कि आम नागरिकों, बुजुर्गों, मरीजों और छात्रों के लिए भी परेशानी का कारण बनती है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ट्रैफिक पुलिस ने जांच अभियान तेज कर दिया है।
चेकिंग के दौरान जिन वाहनों में अवैध रूप से बदले गए साइलेंसर पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। वाहन मालिकों को मूल (स्टैंडर्ड) साइलेंसर लगाने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के अवैध मॉडिफिकेशन से बचें। अधिकारियों का कहना है कि शहर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ट्रैफिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉडिफाइड साइलेंसर लगाना नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।



