रायपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। नगर निगम, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहर के कई प्रमुख कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन, लिफ्ट सुरक्षा और इमरजेंसी एग्जिट जैसी व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए।
प्रमुख कोचिंग संस्थानों का हुआ निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान एलन, अनअकादमी, विद्यापीठ, आरसीसी और अकादजा कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि एलन, अनअकादमी और विद्यापीठ की कुछ कक्षाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा था। इसके अलावा कई स्थानों पर वेंटिलेशन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
वहीं आरसीसी और अकादजा में फायर सेफ्टी, प्रवेश और निकास मार्ग, वेंटिलेशन तथा अन्य सुरक्षा मानकों में कई कमियां पाई गईं। अधिकारियों ने इन संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
तीन कोचिंग सेंटरों को जारी किया गया नोटिस
नगर निगम के जोन-3 की टीम ने चाणक्य, इम्पैक्ट और क्लेट कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। आनंद नगर स्थित चाणक्य कोचिंग सेंटर में संचालक फायर ऑडिट प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट के सामने फर्नीचर रखा मिला, जिसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना गया। इस पर संचालक को नोटिस जारी किया गया।
शंकर नगर के गीतांजलि नगर स्थित इम्पैक्ट कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी सिस्टम पर्याप्त नहीं पाया गया। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
इसी तरह शंकर नगर सेक्टर-1 स्थित क्लेट कोचिंग सेंटर में लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद मिला। साथ ही लिफ्ट संचालन व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं पाई गई। इस मामले में भी संचालक को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया है।
अन्य कोचिंग संस्थानों की भी हुई जांच
निरीक्षण अभियान के तहत नगर निगम के विभिन्न जोनों में कृतविद्या, उड़ान, फुदान और दिल्ली आईएएस अकादमी स्टडी पॉइंट सहित अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
सुरक्षा नियमों के पालन पर रहेगा विशेष जोर
हाल के समय में देशभर में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।