बिलासपुर के बिलासा देवी एयरपोर्ट की विकास गति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) नाराजगी जताई। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब नाइट लैंडिंग की अनुमति और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो उड़ान सेवाएं क्यों नहीं शुरू की जा रही हैं। कोर्ट ने मामले में नया शपथ पत्र पेश करने का निर्देश भी दिया।
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव और सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 6 फरवरी को एयरपोर्ट को नाइट लैंडिंग का लाइसेंस मिल चुका था, लेकिन अभी तक रात में एक भी उड़ान नहीं चली। कोर्ट ने केवल एलायंस एयर पर निर्भरता को लेकर भी सवाल उठाए और अन्य एयरलाइंस को जोड़ने के प्रयासों की जानकारी मांगी।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सेना ने 290.8 एकड़ जमीन जिला प्रशासन को ट्रांसफर कर दी। अब एयरपोर्ट के पास कुल 646.8 एकड़ भूमि हो गई है। इससे रनवे विस्तार और 4-सी कैटेगरी अपग्रेडेशन की राह आसान हो जाएगी, जिससे बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी।
एयरपोर्ट विकास के लिए कुल 198 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार है। इसमें रनवे स्ट्रिप चौड़ीकरण, रनवे लाइटिंग, एटीसी टॉवर और आईएलएस उपकरण शामिल हैं। अब भूमि मिलने के बाद इन कार्यों को तेजी से शुरू किया बिलासपुर एयरपोर्ट की धीमी प्रगति पर हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, सेना ने सौंप दी 291 एकड़ जमीन – अब बड़े विमानों के लिए रास्ता साफ।



