13 करोड़ की पार्किंग में ऑटो डीलिंग का आरोप, एमआईसी में हंगामा; जांच के आदेश

बिलासपुर में कलेक्टोरेट परिसर की मल्टीलेवल पार्किंग के कथित दुरुपयोग का मामला मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की बजट बैठक में जोरदार तरीके से उठा। एमआईसी सदस्य विजय ताम्रकार ने आरोप लगाया कि पार्किंग का उपयोग वाहनों की पार्किंग के बजाय बाइक बेचने के लिए किया जा रहा है, जिस पर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई।

यह पार्किंग स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाई गई है, जिसका उद्देश्य शहर में व्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है। आरोप है कि ठेकेदार इस स्थान का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।

तीन दिन में मांगा गया जवाब

मामले को गंभीर मानते हुए स्मार्ट सिटी प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सदस्यों ने कहा कि कलेक्टोरेट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस तरह का दुरुपयोग चिंताजनक है और अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है।

मेयर ने दिए कार्रवाई के निर्देश

मेयर पूजा विधानी ने स्पष्ट कहा कि पार्किंग आम लोगों के वाहनों के लिए बनाई गई है और इसका उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ठेका रद्द करने की चेतावनी

अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि यदि ठेकेदार अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पार्किंग का अन्य कार्यों के लिए उपयोग करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ठेका भी निरस्त किया जा सकता है।

खबर सामने आते ही जारी हुआ नोटिस

करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट सिटी फंड से बनी इस पार्किंग का मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रबंधन सक्रिय हुआ और ठेकेदार को नोटिस जारी कर दिया गया।

निगम आयुक्त का बयान

नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि पार्किंग का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने पार्किंग शुल्क से पर्याप्त आय नहीं होने की शिकायत की है। अब दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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