दक्षिण बस्तर के घने जंगलों में लंबे समय तक सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना रहा कुख्यात नक्सली कमांडर “पापा राव” अब हथियार डालने की तैयारी में है। Jagdalpur से लेकर Sukma और Bijapur तक फैले नक्सली नेटवर्क में उसका नाम बड़े नेताओं में गिना जाता रहा है। उसका सरेंडर बस्तर में माओवाद के एक लंबे और हिंसक दौर के खत्म होने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
बताया जाता है कि उसकी सबसे बड़ी ताकत हथियार नहीं, बल्कि रणनीति और छल था। पिछले लगभग दो दशकों में उसने कई बार अपनी मौत की अफवाहें फैलाकर सुरक्षाबलों को भ्रमित किया। कभी सांप के काटने से मौत की खबर फैलाई गई, तो कभी बीमारी से मरने की बात कही गई। जांच में सामने आया कि ये सारी कहानियां खुद उसी ने गढ़ीं, ताकि सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश धीमी कर दें और वह छिपकर संगठन को मजबूत करता रहे।
बस्तर में नेटवर्क खड़ा करने में अहम भूमिका
पापा राव ने सुकमा और बीजापुर के दुर्गम इलाकों में माओवादी संगठन की जड़ें मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने तथाकथित “जनताना सरकार” के नाम पर समानांतर व्यवस्था खड़ी की, नए कैडरों की भर्ती और प्रशिक्षण कराया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन का विस्तार किया।
पुलिस को मिल सकता है बड़ा इंटेलिजेंस
सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसका आत्मसमर्पण बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि उसके पास नक्सली संगठन के वित्तीय नेटवर्क, शहरी संपर्कों और भविष्य की रणनीतियों से जुड़ी अहम जानकारी होने की संभावना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि उसके खुलासों से कई छिपे समर्थकों और सक्रिय कैडरों तक पहुंच बन सकेगी।
कब-कब फैली मौत की अफवाह
• जुलाई 2016 — Sukma में सांप काटने से मौत की खबर
• मई 2020 — किडनी फेल होने से मृत्यु की अफवाह
• जनवरी 2026 — Bijapur में मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना
कई बड़े हमलों से जुड़ा नाम
उस पर दक्षिण बस्तर में कई घातक हमलों की साजिश रचने, सुरक्षा बलों पर एंबुश कराने, सड़क निर्माण और विकास कार्यों को बाधित करने, हथियार व रसद आपूर्ति संभालने और भर्ती अभियान चलाने के आरोप रहे हैं।
घटती गई ताकत
पापा राव स्टेट जोनल कमेटी का सदस्य और पश्चिम बस्तर डिवीजन का प्रभारी था। कभी उसके साथ 30–35 हथियारबंद नक्सली रहते थे, लेकिन हाल के वर्षों में यह संख्या घटकर लगभग आधी रह गई थी। सूत्रों के अनुसार वह लंबे समय से Indravati National Park के दुर्गम जंगलों में छिपा हुआ था।
अब ‘केशा’ सबसे बड़ा सक्रिय चेहरा
पापा राव के सरेंडर के बाद अब Sukma जिले का इनामी नक्सली सोढ़ी केशा सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित है और उसके साथ 25 से 30 हथियारबंद कैडरों के होने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि वह लगातार ठिकाना बदल रहा है और संभव है कि वह पड़ोसी राज्य तेलंगाना की ओर निकल गया हो।



