युवक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट से रायपुर से इंदौर जाने वाला था।
सुरक्षा जांच के दौरान उसने पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाया, लेकिन दस्तावेज संदिग्ध लगने पर अधिकारियों ने गहन जांच की। जांच में पता चला कि आधार कार्ड नकली है और उसमें असली धारक की जगह आरोपी की फोटो चिपकाई गई थी।
पुलिस के अनुसार घटना 12 मार्च 2026 की है, जब नियमित चेकिंग के दौरान एक यात्री इंदौर जाने वाली फ्लाइट के लिए पहुंचा। उसने स्नेहल राजू भाई पटेल के नाम से जारी टिकट प्रस्तुत किया। पहचान पत्र की जांच में गड़बड़ी सामने आने पर उसे तुरंत रोक लिया गया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान कुलदीप सिंघल के रूप में हुई, जो मूल रूप से इंदौर का रहने वाला है। उसने अपने परिचित के आधार कार्ड में अपनी तस्वीर लगाकर नकली दस्तावेज तैयार किया था और उसी के आधार पर यात्रा करने की कोशिश कर रहा था।
सुरक्षा कर्मियों ने युवक को हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया 🚨। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
माना सीएसपी के अनुसार आरोपी पेशे से फोटोग्राफर है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली आधार कार्ड बनाने में किसी और व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।



