रायपुर तहसील कार्यालय में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अचानक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। एक महिला की शिकायत सुनने के बाद मंत्री अधिकारियों पर भड़क गए और कहा कि “जनता की सेवा के लिए बैठे हो, कुर्सियां तोड़ने के लिए नहीं।”
महिला ने मंत्री को बताया कि वह पिछले एक महीने से अपनी रजिस्ट्री रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिला के अनुसार ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसके मकान का नाम किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो गया है। रिकॉर्ड सुधार के लिए वह लगातार पटवारी और अधिकारियों के पास जा रही है, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता है।
महिला ने यह भी बताया कि उसके ससुर की तबीयत खराब है और वे दफ्तर आने की स्थिति में नहीं हैं, इसके बावजूद उन्हें बार-बार बुलाया जा रहा है। शिकायत सुनने के बाद मंत्री टंकराम वर्मा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब मांगा और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई।

मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे “सांप की तरह बैठे रहते हैं” और समय पर जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं करते। मंत्री की सख्ती के बाद अधिकारियों ने तुरंत महिला की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी।
इससे पहले भी मंत्री टंकराम वर्मा राजस्व विभाग की लापरवाही पर सख्त रुख अपना चुके हैं। कुछ दिन पहले तिल्दा-नेवरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में उन्होंने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को जमीन रिकॉर्ड सुधार के लिए कई दिनों तक परेशान किया गया और उसकी जमीन रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दी गई थी।
तिल्दा-नेवरा में आयोजित शिविर के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि जनता की समस्याओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अतिक्रमण, अपराध और लंबित मामलों पर समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे।
राजस्व मंत्री ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे और समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर निलंबन की चेतावनी दी थी।
वहीं, बढ़ते अपराधों को लेकर मंत्री ने पुलिस विभाग को भी फटकार लगाई थी। उन्होंने नेवरा थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी और अन्य वारदातों पर नाराजगी जताते हुए कानून व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे।
इससे पहले आरंग क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रायपुर सांसद Brijmohan Agrawal ने भी नायब तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। उन्होंने अधिकारियों पर लोगों से पैसे मांगने और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने के आरोपों पर नाराजगी जताई थी।



