8 महीने का दावा, 10 महीने बाद भी अधूरा स्काईवॉक; दिन में बंद, रात में चल रहा काम

राजधानी रायपुर में बन रहा स्काईवॉक प्रोजेक्ट तय समय सीमा के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इसे करीब 8 महीने में तैयार करने का वादा किया गया था, लेकिन 10 महीने गुजर जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है।

कई स्थानों पर केवल पिलर और बुनियादी ढांचा ही दिखाई देता है, जबकि ऊपर का रास्ता और आपस में जुड़ाव का काम अभी बाकी है। निर्माण की धीमी रफ्तार को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

बताया जा रहा है कि भारी ट्रैफिक को देखते हुए दिन के समय काम रोक दिया जाता है और रात 10 बजे के बाद निर्माण किया जाता है। इसके बावजूद प्रोजेक्ट की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो पा रही है।

किन-किन स्थानों को जोड़ेगा स्काईवॉक

यह स्काईवॉक डीकेएस अस्पताल से अंबेडकर अस्पताल तक बनाया जा रहा है। इसके जरिए कलेक्ट्रेट, शास्त्री चौक और तहसील कार्यालय जैसे प्रमुख सरकारी केंद्र आपस में जुड़ेंगे। योजना का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा देना और ट्रैफिक दबाव कम करना है।

ट्रैफिक और पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित

इस परियोजना के साथ मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, ताकि सड़क पर आने वाले वाहनों को वहां मोड़ा जा सके। स्काईवॉक बनने के बाद लोग पैदल सीधे अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों तक पहुंच सकेंगे, जिससे सड़क पर भीड़ कम होने की उम्मीद है।

अधिकारियों का दावा — जल्द पूरा होगा काम

अधिकारियों के अनुसार ट्रैफिक प्रबंधन और तकनीकी कारणों की वजह से काम में देरी हुई है। उनका कहना है कि अब निर्माण कार्य की गति बढ़ा दी गई है और जल्द ही प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि तय समय के बाद भी अधूरा पड़ा यह प्रोजेक्ट शहर की योजना और कामकाज की रफ्तार पर सवाल खड़े कर रहा है।

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