रायगढ़ RPF गोलीकांड: हेड कॉन्स्टेबल को कनपटी पर मारी गोली, आरोपी पहले भी जा चुका है जेल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट में सोमवार तड़के हुए गोलीकांड में हेड कॉन्स्टेबल पीके मिश्रा की मौत हो गई। उनके ही साथी हेड कॉन्स्टेबल कुमार सिंह लादेर ने पोस्ट के कांच वाले दरवाजे के बाहर से तीन गोलियां चलाईं, जो सीधे मिश्रा की कनपटी से भीतर जाकर गले तक पहुंच गईं। इसके बाद उसने दरवाजा खोलकर एक और फायर किया, जो दाईं आंख के पास से छूकर निकल गया।

फॉरेंसिक टीम ने मौके पर कांच पर गोली के छेद, खून के निशान, एक जिंदा कारतूस और तीन खाली खोखे बरामद किए। मिश्रा का शव कुर्सी पर ही मिला था, जबकि आरोपी वहीं पास में बैठा मिला। RPF के अन्य जवान पहुंचे तो आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने गोली चलाई है। बाद में GRP ने उसे गिरफ्तार कर लिया।


दोनों बैचमेट थे, देर रात हुई बहस के बाद चली गोलियां

जानकारी के मुताबिक मृतक पीके मिश्रा रीवा (मध्य प्रदेश) के निवासी थे, जबकि आरोपी कुमार सिंह लादेर जांजगीर-चांपा के भाटापारा इलाके का रहने वाला है। दोनों एक ही बैच के थे और उस रात दोनों की संयुक्त ड्यूटी थी।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 4 बजे किसी बात पर दोनों के बीच बहस हुई और गुस्से में आकर लादेर ने ड्यूटी पर रखी पिस्टल उठाकर मिश्रा पर चार राउंड फायर कर दिए। मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई।

रेलवे प्लेटफॉर्म पर तैनात दो जवान—पी. खलखो और जीपी यादव—ने गोली की आवाज सुनकर तुरंत अधिकारियों को सूचना दी।


3.5 साल से रायगढ़ में थे तैनात मिश्रा, परिवार भी यहीं रहता था

पीके मिश्रा लगभग ढाई–तीन साल पहले अनूपपुर से रायगढ़ ट्रांसफर हुए थे। उनकी पत्नी और बेटी रायगढ़ में रहती थीं, जबकि बेटा हैदराबाद में पढ़ाई कर रहा है।
आरोपी लादेर भी अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ रायगढ़ में रहता था, जबकि दो अन्य बच्चे जांजगीर में परिवार के पास रहते हैं।


2019 में भी पोस्ट प्रभारी को तलवार दिखाकर धमकाया था, दो साल रहा जेल में

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लादेर पहले भी हिंसक व्यवहार की वजह से सुर्खियों में रह चुका है।

  • वर्ष 2019 में बिलासपुर RPF पोस्ट में तैनाती के दौरान
  • किसी विवाद में उसने पोस्ट प्रभारी को तलवार दिखाकर धमकाया
  • गाली गलौज और धमकी देने पर उसके खिलाफ धारा 294, 506 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया
  • आरोपी को लगभग दो साल जेल में रहना पड़ा
  • निलंबन के बाद बहाली हुई और उसका ट्रांसफर रायगढ़ कर दिया गया

DSP एसएन अख्तर के अनुसार आरोपी का यह पुराना इतिहास उसे मानसिक रूप से अस्थिर या हिंसक प्रवृत्ति का संकेत देता है।.


फॉरेंसिक रिपोर्ट: तीन गोलियां सिर में आर-पार, एक आंख के पास से गुजरी

फॉरेंसिक विशेषज्ञ पीएस भगत ने बताया:

  • तीन गोलियां सिर के बाईं ओर लगीं और गले तक आर-पार चली गईं
  • एक गोली दाईं आंख के पास से बाहर निकल गई
  • कुल चार फायर हुए
  • एक जिंदा गोली और तीन खाली खोखे मौके पर मिले

प्रारंभिक जांच में साफ है कि आरोपी ने पहले बाहर से फायर किया और फिर दरवाजा खोलकर आखिरी गोली चलाई।

मृतक का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना का अंतिम कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई जारी है।

Scroll to Top