छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नाबालिग लड़के की शादी रोक दी गई। शुक्रवार को बारात निकलने वाली थी, लेकिन प्रशासन की टीम समय रहते गांव पहुंच गई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि दूल्हा नाबालिग है। इसके बाद संयुक्त टीम ने विवाह रोक दिया और परिजनों ने बालक के बालिग होने तक शादी टालने का संकल्प लिया।
यह आठ दिनों में बाल विवाह रोकने की दूसरी कार्रवाई है। रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग बालक की शादी की तैयारी चल रही थी। बालक की आयु 20 साल 5 माह थी, जबकि विवाह के लिए कानूनी न्यूनतम आयु 21 साल है। टीम ने बालक और बालिका पक्ष दोनों के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणाम और कानून की जानकारी दी। मौके पर औपचारिक घोषणा पत्र और राजीनामा पत्र भरवाए गए।
इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पुलिसकर्मी, संरक्षण अधिकारी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम के सरपंच शामिल थे।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध दोनों है। यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले, तो संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत सूचना दें।

