रायपुर में ‘सरके चुनर तेरी’ गाने पर बवाल: नोरा फतेही–संजय दत्त के खिलाफ FIR की मांग, वकील ने बताया अश्लील

रायपुर में फिल्म केडी: द डेविल के एक गीत को लेकर कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में रिलीज हुए गाने “सरके चुनर तेरी सरके” के खिलाफ शहर के एक वकील ने आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त की प्रस्तुति को कथित तौर पर अश्लील बताया गया है।

रायपुर के अधिवक्ता अनुराग गुप्ता सिविल लाइंस थाने पहुंचे और फिल्म के निर्माताओं व कलाकारों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गीत के बोल और दृश्य सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत हैं तथा इसमें डबल मीनिंग शब्दों का प्रयोग किया गया है, जो सार्वजनिक प्रसारण के लिए उपयुक्त नहीं हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की सामग्री समाज के नैतिक मूल्यों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वकील ने नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, संगीतकार अर्जुन जन्या और फिल्म के मेकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है।

इस बीच विवाद बढ़ने के बाद नोरा फतेही ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह गाना उन्होंने लगभग तीन वर्ष पहले कन्नड़ भाषा में शूट किया था और उन्हें इसके अर्थ के बारे में गलत जानकारी दी गई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि बाद में इस गीत को हिंदी में बिना उनकी अनुमति के तैयार किया गया और रिलीज कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि लिरिकल वीडियो में उनकी एआई से बनाई गई छवि का उपयोग किया गया, जिसके लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई।

नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें इस पूरे विवाद की जानकारी देर से मिली क्योंकि वह निजी कारणों से व्यस्त थीं और नेटवर्क से दूर थीं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हिंदी संस्करण देखा तो वह स्वयं भी चौंक गईं। अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस गाने के आपत्तिजनक रूप से सहमत नहीं हैं।

विवाद गहराने के बाद फिल्म के निर्माताओं ने गाने का हिंदी संस्करण यूट्यूब से हटा दिया है। अब लिंक खोलने पर वीडियो उपलब्ध नहीं होने का संदेश दिखाई देता है। नोरा फतेही ने भी अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से इस गीत से जुड़ी सामग्री हटा दी है। हालांकि, यह गाना अन्य भाषाओं—कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम—में अभी भी ऑनलाइन उपलब्ध बताया जा रहा है।

इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में एक बार फिर सेंसरशिप, कलाकारों की सहमति और डिजिटल कंटेंट की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

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