छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और जनसेवा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में तीन दिवसीय कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हो गई है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित इस बैठक में प्रदेशभर के कलेक्टर, संभागायुक्त, पुलिस अधीक्षक, विभागीय सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
📅 तीन दिन की समीक्षा बैठक
कार्यक्रम का पहला दिन कलेक्टरों के कामकाज की समीक्षा को समर्पित है। मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति, जनसेवा की गुणवत्ता और जमीनी अमल पर चर्चा कर रहे हैं।
दूसरे दिन कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर समीक्षा बैठक होगी, जिसमें सभी पुलिस कप्तान (SP) शामिल रहेंगे। वहीं, तीसरे दिन यानी 14 अक्टूबर को ‘गुड गवर्नेंस समिट’ का आयोजन होगा, जो शासन में पारदर्शिता और नीतिगत सुधारों पर केंद्रित रहेगा।
🔍 योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि योजनाएं सिर्फ फाइलों में सीमित न रहें, बल्कि जनता तक ठोस परिणाम पहुंचाएं। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी अपने-अपने जिलों में चल रही योजनाओं की स्थिति का ब्यौरा दे रहे हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारियों पर भी चर्चा हो रही है।
⚖️ 13 अक्टूबर को कानून व्यवस्था पर विशेष बैठक
13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कलेक्टरों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेंगे। इसमें शांति व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री DFO और कलेक्टर्स के साथ बैठक कर वन नीति, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे।
🏛️ 14 अक्टूबर को गुड गवर्नेंस समिट
तीन दिवसीय श्रृंखला का समापन “गुड गवर्नेंस समिट” के साथ होगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ शासन की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस सम्मेलन में राज्य में सुशासन (Good Governance) को मजबूत करने के लिए नई नीतियों पर दिशा-निर्देश देंगे।

