छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से 4 दिन की अंतरिम जमानत

छत्तीसगढ़ के बड़े शराब घोटाले में कारोबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट ने 4 दिन की अंतरिम जमानत दी है। जमानत मां के खराब स्वास्थ्य के कारण दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल पारिवारिक परिस्थिति के लिए है और 4 दिन बाद उन्हें फिर से जेल लौटना होगा।

ढेबर के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि उनकी मां गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। कोर्ट ने कहा कि ऐसे समय में परिवार के पास रहने का अवसर मिलना चाहिए।


🔹 छत्तीसगढ़ शराब घोटाले का मामला

ED की जांच में सामने आया कि 3,000 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला हुआ। तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर सिंडिकेट बनाया।

अनवर ढेबर ने रिश्तेदारों और CA के नाम कंपनियों में निवेश कर कमीशन का पैसा छिपाया। EOW के अनुसार, शराब डिस्टलर्स से कमीशन और बी पार्ट की बिक्री से 15% रकम अनवर ढेबर को जाती थी। इसे ढेबर के करीबी विकास अग्रवाल और सुब्बू इकट्ठा करते थे।


🔹 फरवरी 2019 में बना सिंडिकेट

अनवर ढेबर ने फरवरी 2019 में जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में डिस्टलरी मालिकों और आबकारी अधिकारियों की बैठक कर सिंडिकेट बनाया। इसमें नवीन केडिया, भूपेंदर पाल सिंह भाटिया, प्रिंस भाटिया, राजेंद्र जायसवाल और AP त्रिपाठी समेत अन्य शामिल थे।

सिंडिकेट ने शराब बिक्री के लेन-देन को ए, बी और सी पार्ट में बांटा:

A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन

  • प्रति पेटी 2019 में 75 रुपए, बाद में 100 रुपए कमीशन।
  • कीमत बढ़ाकर और ओवर बिलिंग की अनुमति देकर नुकसान की भरपाई।

B: नकली होलोग्राम वाली शराब

  • सरकारी दुकानों में बिक्री के लिए नकली होलोग्राम और खाली बोतलें तैयार।
  • वितरण और परिवहन की जिम्मेदारी अरविंद सिंह और अमित सिंह को दी गई।

C: डिस्टलरी सप्लाई एरिया बदलकर अवैध वसूली

  • 8 जोनों में वितरण क्षेत्र निर्धारित।
  • क्षेत्र बदलकर प्रति डिस्टलरी कमीशन वसूला।
  • 3 वित्तीय वर्ष में लगभग 52 करोड़ रुपए पार्ट C के तौर पर सिंडिकेट को मिले।

🔹 गिरफ्तारी

EOW ने इस मामले में कवासी लखमा, अरुणपति त्रिपाठी, अरविंद सिंह, अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, दीपक दुआरी, दिलीप टुटेजा, सुनील दत्त समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया।
पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बाद पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया।


इस जमानत का लाभ ढेबर केवल परिवार के साथ समय बिताने के लिए ले सकेंगे, और चार दिन बाद उन्हें जेल लौटना अनिवार्य है।

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