राजधानी में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बहुत ही चिंताजनक है। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, ओपीडी सुबह 9 से दोपहर 2 बजे और शाम 4 से रात 8 बजे तक चलनी चाहिए। लेकिन भास्कर की पड़ताल में पाया गया कि अधिकांश हमर क्लिनिक और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समय पर संचालित नहीं हो रहे हैं। कई केंद्र सुबह देर से खुलते हैं और दोपहर 1 बजे तक ही मरीजों को देखा जाता है। शाम की ओपीडी पूरी तरह बंद रहती है।

🔹 स्वास्थ्य केंद्रों में हाल
भास्कर ने देवेंद्र नगर, मठपारा, कोटा और त्रिमूर्ति नगर के क्लिनिकों का दौरा किया।
- देवेंद्र नगर क्लिनिक सुबह 9.30 बजे बंद मिला।
- त्रिमूर्ति नगर और मठपारा क्लिनिक खुल गए थे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर “थोड़ी देर में आ रहे हैं”, जबकि मरीज इंतजार करते रहे।
- मठपुरैना और काशीराम नगर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शाम की ओपीडी पूरी तरह बंद थी।
🔹 हमर अस्पतालों का हाल
- भनपुरी हमर अस्पताल में डॉक्टर रोजाना 10.30 बजे के बाद आते हैं।
- रामनगर और भाठागांव में भी यही हाल है।
- स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे डॉक्टर उपलब्धता का दावा करता है, लेकिन रात में अस्पताल बंद रहते हैं।
🔹 अस्पतालों में उपलब्ध सेवाएं और लापरवाही
हमर क्लिनिक: सामान्य बीमारियों की जांच, ब्लड प्रेशर, शुगर टेस्ट, दवा वितरण और गर्भवती महिलाओं की जांच।
हमर अस्पताल: मिनी जिला अस्पताल, बेड सुविधा, लैब, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन थिएटर, इनडोर मरीज।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC): विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रसव, एक्सरे, पैथोलॉजी, छोटे ऑपरेशन, आपातकालीन सेवाएं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC): 2 डॉक्टर, ANM, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, टीकाकरण, परिवार नियोजन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सामान्य ओपीडी।

🔹 स्वास्थ्य विभाग का बयान
डॉ. मिथिलेश चौधरी (CMHO):
- “सभी केंद्रों को समय पर खोलने के निर्देश दिए गए हैं। मैं चेक करवाऊंगा।”
- “डॉक्टरों को समय पर आने की चेतावनी दी जाएगी। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

