छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज का दिन राजनीतिक और जनहित के मुद्दों के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है। सदन की कार्यवाही की शुरुआत अविभाजित मध्यप्रदेश की पूर्व विधायक मंगलीबाई रावटे को श्रद्धांजलि देकर की जाएगी। इसके बाद प्रश्नकाल में विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
प्रश्नकाल के दौरान कृषि, पशुपालन, आदिम जाति कल्याण, आवास एवं पर्यावरण तथा पर्यटन विभाग से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही सदन में कुल 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी सूचीबद्ध हैं, जिनमें कानून-व्यवस्था, उद्योगों में सुरक्षा, सामाजिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

इन प्रस्तावों में बलौदाबाजार जिले के बकुलाही स्थित इस्पात संयंत्र में मजदूरों की मौत का मामला भी शामिल है। इस घटना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोपों पर सरकार से कार्रवाई और जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी।
प्रदेश में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है। विधायक इस मुद्दे पर सरकार से अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांग सकते हैं।
इसके अलावा राज्य में गौवंश की स्थिति, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, पशुधन विकास योजनाओं और मंडी निधि से बने सामुदायिक भवनों की प्रगति पर भी सवाल उठेंगे। मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक स्थलों के संरक्षण से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा बनेंगे।

रायपुर विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को नगर निगम सीमा में शामिल करने का विषय भी सदन में उठेगा, जो इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
उद्योगों से निकलने वाले फ्लाईऐश के प्रबंधन, मछली पालन योजनाओं और उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न मंत्रियों के विभागों की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर भी चर्चा होने की संभावना है।
कुल मिलाकर आज का प्रश्नकाल कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस का साक्षी बन सकता है।

