रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 3 महीने में 949 चालकों पर कार्रवाई

राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में यातायात पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग की जा रही है, जिसके तहत जनवरी से मार्च के बीच अब तक 949 चालकों पर कार्रवाई की गई है।

आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 130, फरवरी में 279 और मार्च में अब तक 540 लोगों को नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

हाल ही में 11 मार्च की रात फुंडहर चौक, टेमरी चौक, ऊर्जा पार्क रोड, ऐश्वर्या बाजार और विधानसभा रोड सहित कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 58 चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर में हर साल ड्रिंक एंड ड्राइव के कारण बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। अनुमान है कि प्रतिवर्ष 1800 से 2000 दुर्घटनाएं नशे में वाहन चलाने की वजह से दर्ज होती हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की जान चली जाती है। वर्ष 2025 में ही ऐसे 1523 मामलों में कार्रवाई की गई थी और 680 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए थे।

मोटर वाहन अधिनियम 2019 के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और जेल की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए लोगों में जागरूकता, जिम्मेदारी और सख्त निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।

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