“23 साल बाद आया फैसला… हाईकोर्ट ने कहा—अमित जोगी ही हैं ‘जग्गी हत्याकांड’ के मास्टरमाइंड!”

छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को इस मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन्हें इस साजिश का मुख्य सूत्रधार (मास्टरमाइंड) माना है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने CBI की स्पेशल कोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें अमित जोगी को बरी किया गया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को कानून के खिलाफ और तर्कहीन बताते हुए स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अमित जोगी की भूमिका केंद्रीय थी।

मामले की जांच में सामने आया कि आकाश चैनल से जुड़े एक डायरेक्टर ने शूटर को 5 लाख रुपये दिए थे। गवाही में यह भी बताया गया कि मई 2003 में रायपुर के एक होटल में हुई बैठक में जग्गी को रास्ते से हटाने की बात कही गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी साजिश के तहत मुख्य आरोपी चिमन सिंह को बुलाया गया और पूरी योजना को अंजाम दिया गया।

दरअसल, यह मामला 2003 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले का है। उस समय राम अवतार जग्गी, एनसीपी नेता विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हो रहे थे। शुरुआती जांच में इस घटना को लूट से जोड़कर देखा गया, लेकिन बाद में इसे राजनीतिक हत्या बताया गया।

CBI ने अपनी चार्जशीट में अमित जोगी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया था। हालांकि, 2007 में स्पेशल कोर्ट ने अन्य आरोपियों को सजा दी, लेकिन अमित जोगी को बरी कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने उस फैसले को पलटते हुए कहा कि बाकी आरोपी किसी व्यक्ति को खुश करने के लिए बिना उसकी जानकारी इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकते।

कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी और शूटर के बीच पहले से परिचय था और हत्या से पहले व बाद में कई अहम बैठकें हुईं। कॉल डिटेल्स और गवाहों के बयान भी इस साजिश की पुष्टि करते हैं।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि घटना के बाद जांच को भटकाने के लिए फर्जी आरोपियों को सरेंडर कराया गया, जिससे असली दोषियों को बचाया जा सके। कोर्ट के मुताबिक, ऐसा किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण के बिना संभव नहीं है।

78 पन्नों के फैसले में कोर्ट ने अमित जोगी को उम्रकैद के साथ 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, इस फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जहां मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को होनी है। अब इस केस में आगे क्या फैसला आता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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