जनगणना 2027: 16 अप्रैल से मकानों की गिनती शुरू, ऑनलाइन फॉर्म की भी सुविधा

देश में होने वाली जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 16 अप्रैल से होगी। इस चरण में मकानों की गिनती के साथ-साथ वहां रहने वाले लोगों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, मकान कच्चा है या पक्का और घर में मौजूद प्रमुख सामानों का भी विवरण लिया जाएगा।

इस बार जनगणना में लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी दी गई है। 16 से 30 अप्रैल के बीच लोग खुद पोर्टल पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दिन में घर पर नहीं रहते और सर्वे टीम के आने पर अक्सर घर बंद मिलता है।

अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान कई बार घर बंद मिलने पर “डोर लॉक” एंट्री कर दी जाती है, जिससे सही जानकारी दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में ऑनलाइन फॉर्म भरना सबसे आसान और बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इस प्रक्रिया में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है और फॉर्म जमा करने के बाद 11 अंकों की एक यूनिक आईडी मिलती है। जब प्रगणक घर आएंगे तो सिर्फ यह आईडी दिखाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

जनगणना के इस चरण में यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्यक्ति जहां रहता है, उसे उसी मकान की जानकारी देनी होगी। यदि किसी के पास एक से अधिक मकान हैं, तो केवल उसी घर का विवरण देना होगा जहां वह वर्तमान में रह रहा है। बाकी मकानों में रहने वाले किरायेदार अपनी जानकारी अलग से देंगे। हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी वहीं की जानकारी दर्ज करनी होगी जहां वे रह रहे हैं।

सरकार के अनुसार, यह डेटा भविष्य की योजनाओं जैसे पानी, सड़क, बिजली और अन्य सुविधाओं की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। गलत या अधूरी जानकारी देने से किसी क्षेत्र को जरूरी संसाधन मिलने में दिक्कत आ सकती है।

अगर कोई परिवार फॉर्म नहीं भरता और घर बंद मिलता है, तो अधूरी जानकारी दर्ज होने की संभावना रहती है, जिसे बाद में सुधारना मुश्किल हो सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे समय रहते सही जानकारी दर्ज करें।

ऑनलाइन स्व-गणना के लिए लोगों को आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर लॉगिन करना होगा, जहां परिवार का रजिस्ट्रेशन, लोकेशन मार्क करना और घर से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा। फॉर्म सबमिट करने के बाद मिलने वाली आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी है।

30 अप्रैल के बाद, 1 मई से प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जिन लोगों ने ऑनलाइन फॉर्म भर दिया होगा, उनसे आईडी लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि बाकी लोगों से सीधे जानकारी ली जाएगी। इस कार्य के लिए प्रदेशभर में करीब 53 हजार प्रगणक तैनात किए जाएंगे और पहले चरण की प्रक्रिया लगभग एक महीने तक चलेगी।

Scroll to Top