रायपुर में रिंग रोड नंबर-2 पर भाठागांव और रायपुरा चौक के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नगर निगम वैकल्पिक सड़क विकसित कर रहा है। पहले चरण में 1.04 किलोमीटर सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। दूसरे चरण में दतरेंगा से अमलेश्वर पुल तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिससे महादेव घाट मार्ग पर जाम में काफी कमी आएगी। निगम 3.43 करोड़ रुपए की लागत से भाठागांव से दतरेंगा मोड़ तक सड़क बना रहा है।
पहले चरण में 1 किमी हिस्से का डामरीकरण इसी माह पूरा होने की तैयारी में है। दूसरे चरण में 2.5 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा, जिसके लिए 2.33 करोड़ रुपए का ठेका दिया गया है और इसका निर्माण मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
महादेव घाट-रायपुरा मार्ग पर प्रतिदिन 45 हजार से अधिक वाहन चलते हैं। मौजूदा संकरी सड़क पर पीक आवर्स में रायपुरा चौक ब्रिज पार करने में 15-20 मिनट लगते हैं, जबकि पर्वों के दौरान 4 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। नए मार्ग बनने के बाद यही दूरी 10-15 मिनट में पूरी की जा सकेगी।

भाठागांव से आगे की सड़क वर्तमान में जर्जर और बारिश में जलभराव वाली है, इसलिए लोग इसका कम उपयोग करते हैं। सड़क चौड़ी और बेहतर होने पर यह मुख्य वैकल्पिक मार्ग बन जाएगा। पहले चरण के काम से पहले बिजली पोल शिफ्टिंग के लिए निगम ने सीएसपीडीसीएल को करीब 35 लाख रुपए दे दिए हैं।
यह नया मार्ग पुराना धमतरी रोड, पाटन-अमलेश्वर और संतोषी नगर जैसे इलाकों को सीधे जोड़ेगा। इसके साथ ही महादेवघाट रिवरफ्रंट और हटकेश्वरनाथ कॉरिडोर के विकास के बाद इसकी उपयोगिता और बढ़ जाएगी। नगर निगम ने एक अन्य वैकल्पिक मार्ग के लिए भी 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
इस मार्ग से लोग विभिन्न रूटों से जुड़ सकेंगे। पुराना धमतरी रोड से दतरेंगा होकर भाठागांव पहुंचने वाले अमलेश्वर पुल और महादेव घाट तक आसानी से जा सकेंगे। पाटन-अमलेश्वर से बस स्टैंड आने वाले लोग सीधे इस चौड़ी सड़क का उपयोग कर भाठागांव पहुंच सकते हैं। रोजाना कामकाज के लिए नगर घड़ी चौक, भाठागांव, पचपेड़ी और अन्य क्षेत्रों में जाने वाले लोग इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी तरह संतोषी नगर-मठपुरैना के लोग सीधे महादेव घाट या अमलेश्वर के लिए जा सकेंगे।
सड़क का चौड़ीकरण इसलिए आवश्यक है क्योंकि रायपुरा- महादेवघाट मार्ग संकरा है और रोज जाम की स्थिति रहती है। त्योहारों में 1 घंटे से अधिक समय लगता है। नया मार्ग बनने के बाद 10-15 मिनट में दूरी पूरी हो सकेगी।
दूसरे चरण का काम इस मार्ग पर लगे बिजली के खंभों की शिफ्टिंग के बाद शुरू होगा। इसके लिए निगम ने सीएसपीडीसीएल को 35 लाख रुपए की राशि सौंप दी है। शिफ्टिंग का काम पूरा होने के बाद ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होगा। इसका ठेका मेसर्स नरेंश एंड कंपनी को दिया गया है।
भास्कर एक्सपर्ट एसके जैन के अनुसार, राजधानी जैसी आबादी के लिए वैकल्पिक चौड़ी सड़क बनाना हमेशा फायदेमंद होता है। इससे कनेक्टिविटी बढ़ती है, समय की बचत होती है और ट्रैफिक का दबाव कम होता है, जिससे लोगों को जाम से राहत मिलती है।

