बिलासपुर रेलवे जोन: कोयला परिवहन में देश में नंबर वन, माल लदान और यात्री सेवाओं में कीर्तिमान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में माल लदान और राजस्व अर्जन के मामले में कई रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। जोन के जीएम तरुण प्रकाश के अनुसार इस अवधि में कुल 261.25 मिलियन टन माल का लदान किया गया, जिससे 32 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।

माल लदान में पिछले साल की तुलना में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो संभवतः भारतीय रेलवे में सबसे अधिक है। विशेष रूप से कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए बिलासपुर जोन ने देश में पहला स्थान हासिल किया, जिससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई।

31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में यात्री ट्रेनों की संख्या में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसके जरिए कुल 8.3 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग सहित 50 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य जारी है। पहले चरण में 47 में से 17 स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है और दिसंबर तक सभी फेज-1 के कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में 125 किलोमीटर नई लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा किया गया। साथ ही 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण हुआ, जबकि 34 लेवल क्रॉसिंग गेट बंद कर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया गया।

रेलवे सुरक्षा और संचालन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। इसमें वैगनों की निगरानी, लोको पायलट्स के प्रदर्शन की निगरानी और फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस साल यात्रियों की संख्या में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या 35,469 और पैसेंजर ट्रेनों की संख्या 50,407 रही। 4 नई ट्रेन सेवाएं शुरू हुईं, 7 ट्रेनों का विस्तार किया गया, और 36 ट्रेन-जोड़ियों में 28 नए ठहराव जोड़े गए। 5 आईसीएफ रेकों को आधुनिक एलएचबी कोचों में परिवर्तित किया गया। त्योहारों के दौरान 32 आरक्षित विशेष ट्रेनों के 126 ट्रिप और 9 अनारक्षित विशेष ट्रेनें चलाई गईं। भारत गौरव ट्रेनों के 84 ट्रिप संचालित किए गए।

यात्रियों की सुविधा के लिए 14 लिफ्ट, 12 एस्केलेटर, 12 फुट ओवर ब्रिज, 9 प्लेटफॉर्म अपग्रेड और 9 नए शौचालय बनाए गए। ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से 51,000 से अधिक शिकायतें सुलझाई गईं। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 324 बच्चों को बचाया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने ₹55.61 लाख के अवैध टिकट, ₹3.31 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त किए और ₹1.72 करोड़ चोरी गई संपत्ति वापस लौटाई। 4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती की गई और उन्हें ₹1 करोड़ का बीमा कवर प्रदान किया गया।

रेल हादसों में 45 प्रतिशत की कमी आई। 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और 25 स्टेशनों पर EI मॉडिफिकेशन किया गया। ‘कवच’ प्रणाली के तहत 101 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में स्थापना की गई। सभी कोचों में अग्नि-निरोधक प्रणाली और 212 कोचों में एरोसोल आधारित अग्निशमन प्रणाली लागू की गई। 58 स्टेशनों पर फायर अलार्म लगाए गए और 343 किलोमीटर सुरक्षा फेंसिंग की गई।

नई रेल परियोजनाओं में राव घाट से जगदलपुर नई रेल लाइन स्वीकृत हुई, जो चार जिलों से होकर गुजरेगी और बस्तर का 40 किलोमीटर क्षेत्र शामिल होगा। पिछले 10 वर्षों में 1,475 किलोमीटर लंबी 15 परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जबकि 2,790 किलोमीटर की 41 परियोजनाएँ स्वीकृत और प्रगति पर हैं।

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