देश में होने वाली जनगणना की प्रक्रिया का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस चरण के लिए कुल 33 सवाल निर्धारित किए हैं। खास बात यह है कि स्थायी संबंध में रहने वाले लिव-इन कपल्स को भी इस जनगणना में शादीशुदा की श्रेणी में रखा जाएगा, बशर्ते वे अपने रिश्ते को स्थिर मानते हों।
इस बार जनगणना प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां लोग स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे। पोर्टल पर आम नागरिकों की मदद के लिए FAQ सेक्शन भी उपलब्ध रहेगा।

पहला चरण: हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना
जनगणना का पहला फेज ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहलाता है। इसमें देशभर के घरों, उनकी स्थिति और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी, ताकि सरकार भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार कर सके।
रेफरेंस डेट का महत्व
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, जनगणना की संदर्भ तिथि (रेफरेंस डेट) 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि तय की गई है। इसी आधार पर सभी आंकड़े दर्ज किए जाएंगे, इसलिए इसे जनगणना 2027 कहा जा रहा है।
प्रक्रिया और समयसीमा
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को यह कार्य लगभग 30 दिनों में पूरा करना होगा।
इसके अलावा, हाउस लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी खुद जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा।
दरअसल, यह जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब यह प्रक्रिया 2027 में पूरी होगी।

