नीतीश कुमार ने MLC पद छोड़ा, अशोक चौधरी हुए भावुक; विपक्ष ने लगाया दबाव का आरोप

बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनका त्यागपत्र एमएलसी संजय गांधी के माध्यम से सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा गया, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया।

मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं, इसलिए यह इस्तीफा संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दिया गया है।

इस्तीफे के बाद भावुक हुए मंत्री

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक हो गए और सार्वजनिक रूप से रोते नजर आए। यह दृश्य राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

विपक्ष का आरोप

वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस कदम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से दबाव में इस्तीफा दिलवाया गया है।

BJP नेता का भी इस्तीफा

इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उनका त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के जरिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को सौंपा गया।

दिनभर चला घटनाक्रम

  • सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास पर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।
  • कई वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे।
  • करीब 10:30 बजे इस्तीफा विधान परिषद में सौंपा गया।
  • सभापति ने तुरंत इस्तीफा मंजूर कर लिया।

आगे क्या?

राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, खरमास खत्म होने के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन संभव है। ऐसी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर नई रणनीति बन सकती है। हालांकि संवैधानिक प्रावधान के अनुसार नीतीश कुमार 6 महीने तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।

भावुक पोस्ट भी चर्चा में

इस्तीफे के बीच नितिन नवीन का एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए निजी भावनाएं साझा कीं।

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