बिलासपुर के बाद अब तखतपुर क्षेत्र में भी बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ने लगा है। रविवार सुबह तखतपुर-नगोई बाईपास रोड पर बड़ी संख्या में मृत मुर्गियों से भरी बोरियां पाई गईं, जिन्हें खुले में छोड़ दिया गया था। इससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और संक्रमण का जोखिम भी बढ़ गया है।

बताया जा रहा है कि मुख्य सड़क से कुछ दूरी पर इन मुर्गियों को लावारिस हालत में फेंका गया था। सुबह टहलने निकले लोगों ने जब यह देखा तो हैरान रह गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवारा कुत्ते इन मृत मुर्गियों को नोचकर खा रहे हैं और उन्हें सड़कों तक घसीट रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये मुर्गियां बर्ड फ्लू से संक्रमित हैं, तो कुत्तों और अन्य पक्षियों के जरिए वायरस तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों में फैल सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इस घटना का असर स्थानीय पोल्ट्री व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। तखतपुर और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़े मुर्गी फार्म संचालित हैं। आमतौर पर नवरात्रि के बाद चिकन की मांग बढ़ती है, लेकिन इस समय बर्ड फ्लू की आशंका से कारोबार प्रभावित हो सकता है।
मृत मुर्गियों को खुले में फेंके जाने की इस घटना से मांस उपभोक्ताओं के बीच भी भय का माहौल बन गया है।

