विधानसभा में जंबूरी आयोजन पर घमासान, अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर विपक्ष का वॉकआउट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं को लेकर जोरदार बहस हुई। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही काम शुरू कर दिया गया और कुछ ही दिनों में पूरा भी कर लिया गया। उन्होंने स्कूल शिक्षा मंत्री से पूछा कि बिना टेंडर काम कैसे शुरू हुआ और इतनी जल्दी कैसे समाप्त हो गया।

इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सीधे जवाब देने से पहले शायरी पढ़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के काम अलग होते हैं और राज्य स्तर के काम अलग। उन्होंने बताया कि आयोजन से जुड़ी प्रक्रिया उनके अध्यक्ष बनने से पहले ही शुरू हो चुकी थी और निर्णय राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया था, न कि व्यक्तिगत स्तर पर।

विधायक ने यह भी कहा कि पहला टेंडर रद्द होने के बाद नया टेंडर जारी हुआ, लेकिन उसके खुलने से पहले ही कार्य शुरू हो गया। उन्होंने मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने की मांग की। मंत्री ने जवाब दिया कि जांच वहीं होती है जहां घोटाले के प्रमाण हों। जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया। ⚖️


🏫 स्कूलों के युक्तियुक्तकरण पर भी सवाल

बीजेपी विधायक सुनील सोनी ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के बाद खाली पड़े भवनों के उपयोग पर सरकार से जानकारी मांगी। मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिनमें से अधिकांश को एक ही परिसर में समायोजित किया गया है। लगभग 166 भवन ऐसे हैं जिनका अभी उपयोग तय नहीं हुआ है और अगले सत्र से योजना बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि जहां स्कूलों का विलय हुआ है वहां स्मार्ट क्लास और ई-क्लास शुरू करने की तैयारी है। विपक्ष ने कई स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया और मरम्मत के लिए धन जारी करने की मांग की। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जरूरत के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर राशि दी जाएगी। 🏗️


👩‍🏫 अतिथि शिक्षकों पर तीखी बहस

विधायक विक्रम मंडावी ने अतिथि शिक्षकों के वेतन और नियमितीकरण का मुद्दा उठाया। मंत्री ने बताया कि उन्हें उपस्थिति के आधार पर 20,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं और नियमित करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है, क्योंकि सरकार स्थायी शिक्षकों की भर्ती कर रही है।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान नियमितीकरण का वादा किया गया था और भुगतान प्रणाली डेली वेजेस जैसी है। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार सभी वादे पूरे कर रही है और आगे भी करेगी, लेकिन समयसीमा नहीं बताई।


🚨 सदन में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर सरकार के जवाब से नाराज़ विपक्ष ने नारेबाज़ी की और सदन से बाहर निकल गया।

साथ ही सरकार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और कर्मचारी चयन मंडल (SSB) बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश करने वाली है। 📜

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