रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में पिछले पांच दिनों से जारी कुलियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। कुलियों को उनकी दो प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने प्रदर्शन वापस ले लिया। इस आंदोलन के कारण यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब रेलवे स्टेशन की स्थिति सामान्य हो गई है।
पोर्टर मजदूरों ने निजी बैटरी कार के संचालन के विरोध में पांच दिन तक विरोध प्रदर्शन किया। रेल प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद उनकी दो मुख्य मांगों पर सहमति बन गई।
कुलियों की प्रमुख मांगें:
- निविदा में शर्त संशोधन: कुलियों ने मांग की थी कि भविष्य में किसी भी निविदा में यह शर्त अनिवार्य रूप से शामिल हो कि “निजी लोग निविदा में शामिल नहीं होंगे।” रेलवे ने इस शर्त को जोड़ने का लिखित आश्वासन दिया है।
- लाइसेंसी पोर्टरों को प्राथमिकता: कुलियों ने यह भी कहा कि यदि रेलवे यात्री परिवहन के लिए किसी अन्य व्यक्ति या एजेंसी को काम देती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसका मकसद लाइसेंसी पोर्टरों की आजीविका को सुरक्षित करना था, जिस पर प्रशासन ने सहमति दी।
कुली एसोसिएशन के अध्यक्ष थानेश्वर साहू और संरक्षक दिनेश तरुण चटर्जी ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक ने दोनों मांगों को स्वीकार कर प्रमाणित घोषणापत्र प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।



