छत्तीसगढ़ में राजनीतिक पार्टियों के बीच AI (Artificial Intelligence) जनित वीडियो का इस्तेमाल अब आम हो गया है। हाल ही में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ तीन AI वीडियो जारी किए। इन वीडियो में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों और पार्टी नेताओं को निशाना बनाया गया है।

🎥 वीडियो में क्या दिखाया गया
- पहला वीडियो: कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों पर आरोप लगाए गए। भिलाई से देवेंद्र यादव को जिलाध्यक्ष बनाने की चर्चा, साथ ही उन पर बलौदाबाजार आगजनी केस का जिक्र। इसके अलावा, विकास तिवारी और रायपुर के आसिफ मेमन के नाम पर भी आरोप दिखाए गए।
- दूसरा वीडियो: कांग्रेस में आदिवासी नेताओं के अपमान का मुद्दा उठाया गया।
- तीसरा वीडियो: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बिहार और असम चुनाव में कांग्रेस की जीत का सपना देखते हुए दिखाया गया।
⚡ कांग्रेस का पलटवार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ फर्जी वीडियो और पोस्टर बनाना रह गया है। उन्होंने इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया।

🗣️ चंद्राकर का बयान
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस में चोर-डकैत भरे पड़े हैं। उन्होंने जांजगीर में NSUI जिलाध्यक्ष को डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े जाने का उदाहरण दिया और आरोप लगाया कि ऐसे लोग कांग्रेस संगठन के लिए ‘ताज के नगीने’ हैं।
🔄 कांग्रेस भी AI का इस्तेमाल कर चुकी है
यह पहली बार नहीं है जब राजनीतिक दलों ने AI का इस्तेमाल किया। पहले कांग्रेस ने बिजली बिल के मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए AI वीडियो जारी किया था।
⚖️ राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार, AI भविष्य में राजनीतिक प्रचार का बड़ा हथियार बन सकता है। वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में राजनीतिक युद्धभूमि बदल गई है, और नैतिक जिम्मेदारी बनाए रखना अब पहले से भी जरूरी हो गया है।

