कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलहन आत्मनिर्भर मिशन और धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत की है। इन योजनाओं में छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को शामिल किया गया है। इन जिलों के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन पर हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।
📌 100 जिलों में चयन
देशभर में कुल 100 जिलों को चिन्हित किया गया है। नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय वर्चुअली इस कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहे।
🌾 मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन दो नई योजनाओं से कृषि और किसान की स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने कृषि विभाग के स्टालों का निरीक्षण किया और किसानों को ट्रैक्टर, कृषि उपकरण और अनुदान राशि प्रदान की।
💰 धन-धान्य और दलहन मिशन के लिए 41 हजार करोड़
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30,000 करोड़ रुपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण सहित 1,100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।
🌱 जिलों के चयन का आधार
- जशपुर: विविध जलवायु और भौगोलिक स्थिति के कारण।
- दंतेवाड़ा: जैविक खेती की संभावनाओं के लिए।
- कोरबा: कृषि गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास में।
📝 एकीकृत योजना और मॉनिटरिंग
योजना लागू करने से पहले इन जिलों में बेसलाइन सर्वे किया जाएगा। नीति आयोग इस कार्य में मदद करेगा। योजना में केंद्र और राज्य के 11 प्रमुख मंत्रालयों की योजनाओं को शामिल कर एकीकृत कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, भूमि संसाधन, सूक्ष्म उद्योग और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे।
इस पहल से छत्तीसगढ़ के इन जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय सुधारने और आर्थिक विकास को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।

