सोशल मीडिया अब सिर्फ बातचीत और मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि ठगी और ब्लैकमेलिंग का बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। फर्जी प्रोफाइल बनाकर अपराधी लड़कों और लड़कियों दोनों को निशाना बना रहे हैं। लड़कों को आकर्षक लड़कियों के रूप में फंसाया जाता है, जबकि लड़कियों को लड़के बनाकर शादी का झांसा दिया जाता है।
📉 ठगी का पैटर्न
- आम तौर पर 5,000 से 10,000 रुपए तक की ठगी होती है, इसलिए बहुत लोग शिकायत नहीं करते।
- साइबर विशेषज्ञ मुकेश चौधरी के अनुसार, लगभग हर व्यक्ति को रोज किसी न किसी फर्जी आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिल रही है।
- सुंदर और ग्लैमरस प्रोफाइल के जरिए लोगों से दोस्ती की जाती है। इसके बाद अश्लील बातें और वीडियो कॉल की जाती हैं। कॉल रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते हैं।
- देशभर में रोजाना ऐसे गिरोह 1,000 से अधिक फर्जी आईडी बनाते हैं।
⚠️ सुरक्षा के टिप्स
- सोशल मीडिया पर अपनी फोटो या निजी जानकारी साझा न करें।
- किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
- किसी लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से बचें।
- फर्जी मैट्रिमोनियल साइट और प्रोफाइल में झांसे में न आएं।
- आईडी और सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखें।
👮♂️ 262 फर्जी आईडी बनाकर गिरोह फूटा, 11 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ और झारखंड में पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों ने 262 फर्जी आईडी बनाकर लड़कों को शादी का झांसा दिया और अश्लील चैट तथा वीडियो कॉल के जरिए पैसे वसूले।
- अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- आरोपियों के कब्जे से 36 स्मार्टफोन जब्त हुए और फर्जी आईडी के 50 लाख से अधिक फॉलोअर मिले।
- इस मामले में डीडी नगर थाने में एचडीएफसी बैंक के 79 खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
🌐 आरोपी और स्थान
- छत्तीसगढ़ के 7 और झारखंड के 4 आरोपी गिरफ्तार।
- गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं: शुभम दास, लक्ष्मण गोप, असित पातर, सूरज पटेल, सुखसागर कैवर्त, मानसू डाहिरे, करण पुष्पकार, सिराज खान, अनिकेत कुलदीप, रमाकांत गंधर्व और त्रियंबक भास्कर।
इस मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने और फर्जी प्रोफाइल से सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित किया है।

