BSNL सिम फ्रॉड का खुलासा: फ्रेंचाइजी संचालक ने 25+ सिम गलत हाथों में सौंपे, जांच में जुटी पुलिस

बीएसएनएल की फ्रेंचाइजी लेकर मोबाइल सिम कार्ड में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। सरायपाली निवासी साहिल साहू, जिसने “जीएस मार्केटिंग” के नाम से बीएसएनएल की फ्रेंचाइजी ली थी, उस पर आरोप है कि उसने कई सिम कार्ड ऐसे लोगों को बेचे जिनके नाम पर वे जारी नहीं किए गए थे।

जांच में सामने आया है कि 2 से 16 मई 2025 के बीच जारी किए गए 25 से अधिक सिम कार्ड्स वास्तविक ग्राहकों को न देकर उत्तरप्रदेश के लखनऊ निवासी एक व्यक्ति को सौंप दिए गए। शिकायत मिलने पर बीएसएनएल ने आंतरिक जांच की और फिर तेलीबांधा थाना पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

धोखाधड़ी का केस दर्ज, पूछताछ जारी

पुलिस ने आरोपी साहिल साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। आशंका जताई जा रही है कि इनका उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर ठगी और म्यूल बैंक खातों के संचालन जैसे अवैध कार्यों में किया जा सकता है।

सिम पोर्टिंग से खुली पोल

जिन लोगों को उत्तरप्रदेश में सिम बेचे गए थे, उनमें से कई ने सिम को दूसरी टेलीकॉम कंपनियों में पोर्ट करा दिया, जिससे इस पूरे घोटाले का पता चला। बीएसएनएल ने इस संबंध में टेलीकॉम मंत्रालय को भी जानकारी दे दी है और सिम के दुरुपयोग से संबंधित डेटा एकत्र किया जा रहा है।

ऑनलाइन अपराधों में सिम की भूमिका पर चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फर्जी सिम कार्ड की मदद से अपराधी डिजिटल धोखाधड़ी, नकली बैंकिंग गतिविधियों और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को चला सकते हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही इसमें और खुलासे होने की संभावना है।

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