रायपुर में CSCS का एंटी-डोपिंग सेमिनार, 200 क्रिकेटरों को बताए गए NADA के नियम और सावधानियां

खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने रायपुर में एंटी-डोपिंग जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। होटल मैरियट में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 पुरुष और महिला क्रिकेटरों के साथ कोच, ट्रेनर और अन्य सपोर्ट स्टाफ ने हिस्सा लिया।

सेमिनार में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) की विशेषज्ञ डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों, प्रतिबंधित दवाओं और न्यूट्रिशन सप्लीमेंट से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई बार सामान्य दिखने वाली दवाओं या सप्लीमेंट में भी ऐसे तत्व हो सकते हैं, जो डोपिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं।

डॉ. नेहा सिंह ने खिलाड़ियों को सलाह दी कि किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसकी जानकारी अवश्य जांचें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों को यह समझना जरूरी है कि कौन-से उत्पाद उनके करियर के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

NADA के अनुसार, किसी भी न्यूट्रिशन सप्लीमेंट को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि कई मामलों में इनमें प्रतिबंधित पदार्थ पाए गए हैं या उत्पादों की लेबलिंग सही नहीं होती। एजेंसी ने खिलाड़ियों को ‘स्ट्रिक्ट लाइबिलिटी’ के नियम के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत खिलाड़ी के शरीर में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर उसकी जिम्मेदारी स्वयं खिलाड़ी की होती है, चाहे वह पदार्थ अनजाने में ही शरीर में पहुंचा हो।

कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को NADA के Know Your Medicine (KYM) प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से खिलाड़ी किसी दवा की प्रतिबंधित या अनुमत स्थिति की जांच कर सकते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि आयुर्वेदिक, हर्बल और अन्य सप्लीमेंट का उपयोग करते समय भी पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है।

CSCS का कहना है कि क्रिकेट में डोपिंग के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सख्ती को देखते हुए खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही नियमों की जानकारी देना जरूरी है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को अनजाने में होने वाली गलतियों से बचाना और निष्पक्ष खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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