छत्तीसगढ़ विधानसभा: नकटी बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर शिकार और सड़क-दवा खरीद जैसे मुद्दों पर गरमाया सदन

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार, अमानक दवाइयों की खरीद और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल पूछे गए।

नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर हंगामा

विपक्ष ने नकटी गांव में मकानों को हटाने की कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को पर्याप्त पुनर्वास के बिना बेदखल किया गया और इसे “बुलडोजर कल्चर” का उदाहरण बताया। विपक्ष ने पूरे मामले पर सदन में चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद नियमों के तहत वे स्वतः निलंबित हो गए।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि नकटी में की गई कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई। सभी संबंधित लोगों को पूर्व सूचना और नोटिस दिए गए थे। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी किया गया और कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला

ध्यानाकर्षण के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया और पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका जताई। महंत ने दावा किया कि दो बाघों के शिकार से करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया गया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में निगरानी व्यवस्था सक्रिय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के आकलन के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी और रिजर्व के संचालन पर प्रतिवर्ष लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।

अमानक दवाइयों की खरीद पर सरकार का जवाब

सदन में CGMSC द्वारा दवाइयों की खरीद को लेकर भी सवाल उठे। विपक्ष ने गुजरात में प्रतिबंधित दवाइयों से जुड़े मामले का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में खरीद प्रक्रिया पर सवाल किए। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जिस दवा पर प्रतिबंध लगाया गया था, उसकी खरीद राज्य में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहने वाली 24 दवाइयों की पहचान की गई है और चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर चर्चा

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों की मरम्मत को लेकर भी कई विधायकों ने सवाल उठाए। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अधिकांश सड़कों का पहले ही नवीनीकरण किया जा चुका है और जिन मार्गों को मरम्मत की आवश्यकता है, उन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब सड़कों की स्थिति का आकलन पारंपरिक तरीके की बजाय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड कर AI गड्ढों और मरम्मत की आवश्यकता का स्वतः विश्लेषण करेगा, जिससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।

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