स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके घरों का बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आने लगा है। उनका कहना है कि घर में बिजली की खपत पहले जैसी ही है, फिर भी हर महीने बिल बढ़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि इन मीटरों के जरिए बिजली की रीडिंग दूर से ली जाती है और जरूरत पड़ने पर विभाग कार्यालय से ही बिजली कनेक्शन को नियंत्रित कर सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है।

लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में बिना सहमति के स्मार्ट मीटर लगाए गए। विरोध करने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर मीटर लगाने का दबाव बनाया गया। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि मीटर लगाने वाले कर्मचारियों के पास अधिकृत पहचान पत्र नहीं थे।
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाए जाएं और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
लोगों ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली का उत्पादन राज्य के अपने संसाधनों से होता है, फिर भी बिजली की दरें लगातार बढ़ रही हैं। महंगाई के बीच बढ़ते बिजली बिल आम लोगों की आर्थिक परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।



