छत्तीसगढ़ के 16 हजार कोटवारों का सरकार को अल्टीमेटम, 15 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

छत्तीसगढ़ के कोटवारों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने कहा है कि यदि 15 अगस्त तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 16 हजार से अधिक कोटवार पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेंगे।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ ने बताया कि कई बार शासन और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि दशकों से राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद कोटवारों को नियमित कर्मचारी का दर्जा, पर्याप्त मानदेय और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

संघ का आरोप है कि वर्तमान में मिलने वाला पारिश्रमिक बेहद कम है, जिससे कोटवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता, झूठी शिकायतों के आधार पर कार्रवाई और सेवा के दौरान परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं।

कोटवार संघ की प्रमुख मांगों में राजस्व विभाग के अधीन नियमितीकरण, न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियुक्ति में परिवार के योग्य सदस्य को प्राथमिकता, बेबुनियाद शिकायतों पर कार्रवाई रोकना, बेगार प्रथा समाप्त करना तथा नगर निगम और नगरपालिका क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाना शामिल है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो प्रदेशभर के करीब 16 हजार कोटवार एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपने अधिकारों की मांग करेंगे।

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