छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत भरी खबर! खाद खरीदने के लिए अब टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी
राज्य सरकार ने सहकारी समितियों और प्राथमिक कृषि साख समितियों (सोसायटियों) से रासायनिक खाद वितरण की टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसान बिना किसी ई-टोकन या पूर्व पंजीकरण के सीधे खाद प्राप्त कर सकेंगे।
कृषि विभाग ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब किसानों को खाद का वितरण टोकन के बजाय उनकी कृषि भूमि के रकबे के आधार पर किया जाएगा, ताकि हर किसान को उसकी जरूरत के अनुसार खाद मिल सके। साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें एक ही बार में आवश्यक मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और अन्य रासायनिक खाद का भंडारण पहले ही कर लिया गया है। पहले खाद की सीमित उपलब्धता के कारण तीन चरणों में टोकन व्यवस्था लागू की गई थी, जिससे वितरण को व्यवस्थित किया जा सके।
इस फैसले पर केंद्रीय मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जब प्रदेश में खाद की कमी थी, तब सभी किसानों तक समान रूप से खाद पहुंचाने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई थी। अब पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के कारण इस व्यवस्था की जरूरत नहीं रही। उन्होंने कहा कि नए निर्णय से किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे एक ही बार में अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।