उद्घाटन से पहले ही तैयारियों पर सवाल: मंत्री के सामने पनीर, जाते ही खिलाड़ियों को मिला आलू

देश के पहले ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर रहे छत्तीसगढ़ में उद्घाटन से पहले व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री Arun Sao मीडिया के सामने तैयारियों को संतोषजनक बता रहे थे, वहीं दूसरी ओर अंदर खिलाड़ियों को पूरा भोजन तक नहीं मिल पाया।

जानकारी के अनुसार, जब मंत्री डोम में लगे कैटरिंग की जांच कर रहे थे, तब खिलाड़ियों को पनीर की सब्जी परोसी जा रही थी। लेकिन उनके जाते ही मेन्यू बदल गया और पनीर की जगह आलू की सब्जी दी जाने लगी। कई खिलाड़ियों ने अधूरा भोजन मिलने की शिकायत की। महाराष्ट्र से आए खिलाड़ियों ने व्यवस्थाओं को ठीक बताया, लेकिन भोजन की मात्रा कम होने की बात कही।

रोटी के लिए भी खिलाड़ियों को इंतजार करना पड़ा। इस आयोजन में देशभर से तीन हजार से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी शामिल हो रहे हैं, लेकिन मैदान में बुनियादी सुविधाओं को लेकर अव्यवस्था दिखाई दी।

ड्यूटी चार्ट नहीं, भोजन के लिए भी भटकते कर्मचारी

आयोजन से एक दिन पहले तक मीडिया के एक्रेडिटेशन कार्ड तैयार नहीं हो सके थे। कई विभागों के बीच समन्वय की कमी साफ नजर आई। स्कूल शिक्षा विभाग से तैनात 50 से अधिक पीटीआई बिना ड्यूटी चार्ट के काम करते दिखे। कुछ कर्मचारियों को भोजन तक नहीं मिला, जबकि खाने के लिए भी पहले मैनेजर से अनुमति लेने को कहा जा रहा था।

पीने के पानी की व्यवस्था में भी असमानता की शिकायतें सामने आईं।

सरकार का दावा — तैयारियां पूरी

खेल मंत्री Arun Sao ने कहा कि नेशनल ट्राइबल गेम्स का उद्घाटन बुधवार शाम Raipur में होगा और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे।

कुश्ती और मलखंब प्रतियोगिताएं Ambikapur में, जबकि एथलेटिक्स स्पर्धाएं Jagdalpur में आयोजित होंगी। अधिकारियों के अनुसार खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।

अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंच चुके हैं और Sports Authority of India के अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

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