रायपुर। तेलीबांधा तालाब क्षेत्र में पार्किंग शुल्क को लेकर मचे विवाद के बीच महापौर मीनल चौबे ने निगम की स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि सुबह 12 बजे तक आने वाले लोगों से किसी भी प्रकार का पार्किंग चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही शाम के समय इवनिंग वॉक के लिए आने वालों के लिए अलग से पार्किंग स्पेस सुरक्षित रखा जाएगा।
महापौर ने साफ किया कि पार्किंग शुल्क केवल उन होटल और रेस्टोरेंट संचालकों व उनके ग्राहकों से लिया जाएगा, जो घंटों तक सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं और इससे यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती है।
“कमाई नहीं, व्यवस्था सुधार हमारा लक्ष्य”
सोमवार को तेलीबांधा पार्किंग मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य राजस्व कमाना नहीं, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या को नियंत्रित करना है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि सुबह की मॉर्निंग वॉक और शाम की इवनिंग वॉक के दौरान आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
बोर्ड लगते ही शुरू हुआ विरोध
नगर निगम द्वारा तेलीबांधा तालाब किनारे सड़क पर पार्किंग शुल्क वसूली की तैयारी के तहत जैसे ही सूचना बोर्ड लगाए गए, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस मुद्दे को मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद निगम प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है।
फिलहाल निगम द्वारा वाहनों का डाटा संग्रह किया जा रहा है, ताकि यह तय किया जा सके कि किस समय, कितने वाहन और किस उद्देश्य से यहां खड़े होते हैं।
कर्मचारी तैनात, जुटाया जा रहा डाटा
नगर निगम ने जोन क्रमांक-3 और मुख्यालय के कर्मचारियों को दोपहर 3 बजे के बाद तेलीबांधा क्षेत्र में तैनात किया है। ये कर्मचारी—
- आने-जाने वाले वाहनों की संख्या
- होटल और रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों का विवरण
- इवनिंग वॉक करने वालों की संख्या
का डाटा जुटा रहे हैं। निगम का कहना है कि इसी आधार पर अंतिम व्यवस्था लागू की जाएगी।
वीकेंड पर सबसे ज्यादा दबाव
यातायात पुलिस के अनुसार, वीकेंड पर शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक तेलीबांधा तालाब किनारे सड़क पर—
- करीब 600 बाइक रोटेशन में
- लगभग 100 कारें
खड़ी रहती हैं। यानी हर वीकेंड करीब 1600 लोग इस क्षेत्र में शाम से देर रात तक मौजूद रहते हैं।
नियम तोड़ने पर कार्रवाई जारी
लेन से बाहर वाहन खड़े करने वालों पर यातायात पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
- बाइक को टो कर थाने ले जाया जाता है
- कारों के पहिए लॉक किए जाते हैं
- ई-चालान काटे जाते हैं
वीकेंड पर रोजाना करीब 70 वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा एक टीम पूरे दिन क्षेत्र में पेट्रोलिंग भी करती है।

