छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नेशनल हाईवे-130 पर हुई कार और नकदी लूट की वारदात ने अब एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट की इस घटना के पीछे तांत्रिक द्वारा की गई ठगी और उससे उपजा बदला छिपा हुआ था।
रतनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति ने खुद को लूट का शिकार बताया था, वह दरअसल तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था।
एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के अनुसार, कोरबा जिले के दीपका निवासी विजय कुमार राज (48) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 31 जनवरी की रात वह अपनी तीन महिला रिश्तेदारों के साथ बिल्हा मेला देखने गया था। लौटते समय रात करीब 3:35 बजे रतनपुर के एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए कार रोकी, तभी दो कारों में सवार चार युवकों ने उस पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने मारपीट कर उसकी स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन और करीब 8 हजार रुपये नकद लूट लिए और फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने सरगुजा और कोरिया जिलों में दबिश देकर चार आरोपियों—विद्यादास महंत, रामसुंदर, राजीव सिंह और गुलशन कुजूर—को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विजय कुमार राज खुद को तांत्रिक बताकर तंत्र विद्या के जरिए 2.50 लाख रुपये को 2.50 करोड़ रुपये बनाने का झांसा दे रहा था। इसी लालच में उन्होंने उसे पैसे दिए, लेकिन बाद में न तो रकम वापस मिली और न ही कोई लाभ हुआ।
जब आरोपियों ने अपने पैसे वापस मांगे तो विजय ने इंकार कर दिया। इसी से नाराज होकर उन्होंने बदले की भावना से उसकी कार और सामान लूट लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विजय ने तंत्र-मंत्र से ठगी की बात लूट की शिकायत के दौरान छिपाई थी। अब बिल्हा थाना क्षेत्र में विजय कुमार राज और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या पैसे दोगुना करने जैसे दावों से दूर रहें। ऐसे दावे करने वाले लोग सिर्फ लोगों के लालच का फायदा उठाकर ठगी करते हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

