होली से पहले ट्रेनों में लंबी वेटिंग, कन्फर्म टिकट के नाम पर 600 से 1000 रुपए तक अतिरिक्त वसूली

रायपुर। होली के मौके पर घर लौटने की होड़ के बीच रायपुर जंक्शन से चलने वाली अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। दिल्ली, बिहार, यूपी और मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में 50 से 100 तक वेटिंग चल रही है, जबकि कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन चुकी है। इसी बीच शहर में सक्रिय कुछ एजेंट कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त रकम वसूल रहे हैं।

लंबी वेटिंग से परेशान यात्री

त्योहार से पहले एसी और स्लीपर कोच लगभग फुल हैं। वाराणसी और प्रयागराज रूट पर भी राहत नहीं है। कई यात्रियों ने बताया कि लगातार कोशिश के बावजूद उन्हें सिर्फ वेटिंग टिकट ही मिल रहा है।

जबलपुर जाने वाले एक यात्री ने कहा कि कई दिनों से टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार लंबी वेटिंग मिल रही है। वहीं रांची जाने वाले यात्री ने बताया कि स्लीपर में वेटिंग ज्यादा होने के कारण उन्हें जनरल टिकट लेकर सफर करना पड़ेगा।

एजेंटों का दावा- पैसा दो, कन्फर्म टिकट लो

पड़ताल के दौरान शहर के दो एजेंटों से संपर्क किया गया। एक एजेंट ने प्रयागराज के लिए थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध कराने का दावा किया और किराए के अलावा अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा। उसने भरोसा दिलाया कि टिकट कन्फर्म मिलेगा, बस समय पर भुगतान करना होगा।

स्टेशन के पास एक अन्य ट्रैवल एजेंसी ने भी तत्काल टिकट दिलाने की बात कही। एजेंट ने प्रति टिकट 600 रुपए अतिरिक्त चार्ज की मांग की और आधी रकम एडवांस देने को कहा। जब सर्वर डाउन की समस्या का सवाल उठाया गया तो जवाब मिला कि “आपको सर्वर से मतलब नहीं, टिकट मिल जाएगा।”

सूत्रों के अनुसार, कुछ एजेंट अलग-अलग स्टेशनों से टिकट बुक कर या पहले से ब्लॉक टिकट के जरिए यह काम करते हैं।

प्रमुख रूटों पर स्थिति

दिल्ली रूट: गोंडवाना एक्सप्रेस में स्लीपर नो रूम, एसी थर्ड में वेटिंग; संपर्क क्रांति और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग।

बिहार रूट: साउथ बिहार एक्सप्रेस और होली स्पेशल ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच में दर्जनों वेटिंग।

वाराणसी-प्रयागराज रूट: कई ट्रेनों में स्लीपर फुल और एसी में भी लंबी प्रतीक्षा सूची।

मुंबई रूट: हावड़ा-मुंबई और गीतांजली एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में स्लीपर में नो रूम या भारी वेटिंग।

कई ट्रेनें घंटों देरी से

रायपुर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें भी 5 से 8 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कोरबा-यशवंतपुर, शालीमार-मुंबई एलटीटी, आजाद हिंद और हावड़ा-अहमदाबाद जैसी ट्रेनों में लंबा विलंब दर्ज किया गया।

रेलवे का क्या कहना है

रायपुर मंडल के कमांडेंट रमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिन एजेंटों को अधिकृत अनुमति नहीं है, उनके द्वारा टिकट बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। हाल ही में तीन लोगों पर कार्रवाई की गई है और शिकायत मिलने पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि कुछ एजेंट दूसरे स्टेशनों से टिकट बुक कर देते हैं या पहले से टिकट निकालकर रखते हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति दूसरे के नाम पर यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई होती है।

त्योहार के मौसम में बढ़ती भीड़ के बीच यात्रियों को सतर्क रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करने की सलाह दी गई है।

Scroll to Top